मेमोरी बढ़ाने
के उपाय और दवा की
आवश्यकता आज सभी मनुष्य को है। क्योंकि लगातार काम बहुत करने या कई
प्रकार के मेन्टल स्ट्रेस के कारण हमारी याद रखने की क्षमता में कमी आई है अगर आप अपने
दोस्तों या परिजनों के जन्मदिन, फ़ोन न. या किसी का पता आदि याद नहीं रख पा रहे हैं।
तो सतर्क हो जाएं यह आपकी मेमोरी में कमी की
ओर इशारा करते हैं। लेकिन आप अपनी कमजोर मेमोरी को बढ़ाने के लिए कई सरल उपचार
कर सकते हैं जैसे रोजाना की कसरत अच्छा खाना, तनाव कम करना आदि। इसके अलावा
आप मेमोरी बढ़ाने की आयर्वेदिक मेडिसिन का भी प्रयोग कर सकते हैं। मेमोरी बढ़ाने की
दवा से मतलब आपकी अपनी रसोई में माजूदा सामग्री जिन्हें आप अपने डेली डाइट के रूप
उपयोग कर सकते हैं।
एक
मनुष्य को किसी भी
कार्य को करने लिए
योजना और उसके क्रियान्वयन
का मानसिक दायित्व हमारे दिमाग के ऊपर ही
होता है। अगर दिमाग ठीक ढंग से कार्य करता
है और स्ट्रेस फ्री
हो तो काम करने
का आनंद भी आता है
और उसका परिणाम तो बहुत अच्छा
होता ही है। दिमाग
में बनने वाले हॉर्मोनो के असंतुलन से इसकी
शक्ति मे कमी
आ सकती है।
दिमाग तेज करने के घरेलू उपाय -
- अधिक
हरी सब्जियाँ और
फल का
सेवन करे
- तला हुआ और जंकफूड का सेवन न करे
- ऐसा मन गया है सुबह 4 से 8 बजे और शाम को 8 से रात 12 बजे तक पढ़ना अच्छा होता है।
- रात्रि मे हैवी खाना न खाएं।
- दिमाग के लिए गाय का घी और दूध अच्छा माना गया है
- दूध में केला, खजूर दही में केला खिलाएं
- पत्ते या पाउडर ब्राह्मी के दिमाग के लिए अच्छे होते है
- दूध में शहद मिलाकर के साथ पीएं
दिमाग
तेज़ करने की जड़ीबूटी -
- ब्राह्मी - ब्राह्मी का एक महतवपूर्ण गुण एडाप्टोजेनिक है। दिमाग की अनेक कोईशिकाओ मे से न्यूरो कोशिकाओं को नियंत्रित करती है। इसके साथ यह दिमाग में स्त्रावित होने वाले हॉर्मोनो जैसे डोपामाइन, सेरोटोनिन आदि के संतुलन को बनाये रखने और मस्तिष्क तंत्रिका तंत्र के प्रबंधन में एक अच्छा कार्य करती है।यह दिमाग को तनाव से लड़ने की शक्ति देता है जिससे विपरीत स्थितियों का नकारात्म असर नहीं होता। ध्यान और स्मरण शक्ति में भी बढ़ोतरी होती है।
- वाचा - वाचा भी एक आवश्यक औषधि है जो मस्तिष्क के लिए बनाये जाने वाली दवाओं में मिलाई की जाती है। यह डर, डिप्रेशन, चिंता आदि समस्याओं में फायदा पहुंचाती है। केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र को संतुलन करती है। हमारे दिमाग में एक इलेक्ट्रोनिक धाराएँ होती है, अगर ये असंतुलन हो तो दिमाग की शक्ति पर असर हो सकता है
- शंखपुष्पी - दिमाग की शांति के लिए कोर्टिसोल स्तर का अच्छा बना रहना अनिवार्य है। अगर यह बढ़ता है तो तनाव भी बढ़ता है। शंखपुष्पी इस हॉर्मोन के स्तर को मैनेज करती है। तनाव,अनिद्रा, नर्वससिस्टम, अशांति, आदि के लिए शंखपुष्पी एक गुणों वाली औषधि है। इस औषधि से स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए सरस्वती चूर्ण का निर्माण किया जाता है। इसका सेवन बच्चों के पढ़ाई में दिमाग तेज करने का एक अच्छा तरीका है। इससे उनकी पढ़ी हुई चीज़ों को याद रखने और पढ़ाई पर फोकस आदि में अच्छा फायदा होता है।
Read More : 10 benefits of aerobic exercise for mental health
